kainchi dham 15 june- आज नीम करोली बाबा का 59 वां स्थापना दिवस – बाबा के चमत्कार देखकर दंग रह गए लोग

kainchi dham 15 june

kainchi dham 15 june- Kainchi Dham Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा के भक्त आज पूरी दुनिया भर में फैले हुए हैं। बाबा के भक्तों में न केवल आम जनता शामिल हैं बल्कि बड़े-बड़े नेता और अभिनेता के साथ साथ एप्पल कंपनी के मालिक भी शामिल है। एप्पल कंपनी के मालिक खुद यहां पर दर्शन करने के लिए आए थे। भक्त बाबा के दर्शन करने के लिए सदा व्याकुल रहती है।

कैंची धाम को लेकर लोगों में कई मान्यताएं  हैं। इसी वजह से यहां हर दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रहती है। कहा जाता है कि यहां जो भी भक्त अपनी मनोकामना लेकर आता है उसकी मनोकामना जरूर पूर्ण होती है। उसकी झोली में  खुशियां जरूर आ जाती है। अगर आप भी नीम करोली बाबा के भक्त हैं। और नीम करोली बाबा के दर्शन करना चाहते हैं। तो 15 JUN का दिन आपके लिए एक स्वर्णिम दिन होगा। दरअसल, 15 JUN 1964 में कैंची धाम आश्रम की स्थापना की गई थी। उसी दिन से हर 15 JUN को कैंची धाम का स्थापना दिवस बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। तो आइए अब हम इस आश्रम के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं और जानते हैं कि बाबा कौन-कौन से चमत्कार करते हैं एवं स्क्रीन का बारिश में प्रसिद्ध क्यों है

कैंची धाम का इतिहास

दिव्य कैंची धाम उत्तराखंड (नैनीताल) जिले में स्थित है।  प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, वर्ष 1961 में नीम करोली बाबा का आगमन हुआ था। करोली बाबा ने अपने मित्र  के साथ मिलकर कैंची धाम में आश्रम बनाने पर विचार किया था।   15 जून 1964 के दिन इस आश्रम की स्थापना की गई। हर वर्ष भव्य तरीके से आश्रम का स्थापना दिवस मनाया जाता है। इसके लिए कई दिन पहले से तैयारियां शुरू की जाती है। स्थापना दिवस  के शुभ अवसर पर नीम करोली बाबा को मालपुए का भोग लगाया जाता है। इसके बाद इसी को भक्तों के बीच इसे प्रसाद के रूप में बाटा जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दे। कि इस साल कैंची धाम आश्रम का 59वां स्थापना दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। कहा जाता रहा है कि इस बार आश्रम के स्थापना दिवस के अवसर पर लाखों की संख्या में भक्तगण के आने की संभावना है।

नीम करोली बाबा के चमत्कार

  •  नीम करोली बाबा जो अपने चमत्कारों से पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं उनके चमत्कारों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं
  • ऐसी ही एक कहानी 1960 के दशक में हार्वर्ड के प्रोफेसर और मनोवैज्ञानिक के शोधकर्ता राम दास नाम का एक व्यक्ति शामिल है। राम दास का नाम वास्तव में रिचर्ड एल्पर्ट था, जो पश्चिमी विज्ञान की सीमाओं से मोहभंग हो गया था और उन्होंने पूर्वी आध्यात्मिकता और रहस्यवाद की खोज शुरू कर दी थी।
  • 1967 में राम दास ने नीम करोली बाबा से मिलने के लिए भारत की यात्रा की, जिनके बारे में उन्होंने एक दोस्त के माध्यम से सुना था। जब वे वृद्धाश्रम में पहुंचे जहां नीम करोली बाबा रह रहे थे, तो उन्होंने गुरु के भक्तों के एक समूह से खड़े होकर देखा।
  • जैसे ही राम दास उनके पास पहुंचे, नीम करोली बाबा ने उनकी ओर देखा और कहा, “आप अपनी मां के स्वास्थ्य के बारे में सोच रहे हैं।” राम दास दंग रह गए, क्योंकि वे वास्तव में संयुक्त राज्य अमेरिका में अपनी मां के स्वास्थ्य के बारे में चिंता कर रहे थे।
  • नीम करोली बाबा ने तब राम दास को एक छोटा सा हरा फल दिया और उन्हें खाने का निर्देश दिया। राम दास दासिचा ​​रहे थे, क्योंकि उन्होंने इस प्रकार का फल पहले कभी नहीं देखा था, लेकिन उन्होंने गुरु पर विश्वास किया और उन्हें खा लिया।
  • कुछ उसी क्रम में, राम दास ने ऊर्जा की तीव्र धारा और शांति और दृष्टि की गहरी भावना की अनुभूति की। बाद में उन्होंने एक गहन आध्यात्मिक जाग्रति का अनुभव किया, और एक आध्यात्मिक साधक और शिक्षक के रूप में अपने जीवन भर की यात्रा की शुरुआत की।
  • फल के रूप में, राम दास को बाद में पता चला कि यह एक प्रकार का भारतीय आंवला था जिसे आंवला कहा जाता है, जो आपके शक्तिशाली स्वास्थ्य लाभ और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि नीम करोली बाबा वस्तुओं में आध्यात्मिक ऊर्जा से भरने की क्षमता रखते थे और आंवला फल उनकी चिकित्सा शक्ति से ओट-प्रोट था।
  • राम दास आगे चलकर एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक शिक्षक और लेखक बने, और उन्होंने नीम करोली बाबा को अपनी आध्यात्मिक यात्रा को प्रज्वलित करने और अपने जीवन को बदलने की श्रेय दिया। नीम करोली बाबा की जादुई शक्ति की कहानी दुनिया भर के लोगों को प्रेरित करती है और उन्हें रहस्यमय बनाती है, और उनकी शिक्षाओं और उपस्थिति का उन लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ता है जो आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करना चाहते हैं।

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